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कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं 1 से 2 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठलैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨?
à¤à¤• से दो साल की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शारीरिक विकास के साथ ही à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास यानी लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ डेवलपमेंट à¤à¥€ बहà¥à¤¤ अहम होता है और इस पर पैरेंटà¥à¤¸ को खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है। बोली या à¤à¤¾à¤·à¤¾ सीखने की इस उमà¥à¤° में कई अहम पड़ाव यानी लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ आते हैं जिस पर नजर रखना पैरेंटà¥à¤¸ के लिठजरूरी है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यदि लगता है कि बचà¥à¤šà¥‡ का à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास उमà¥à¤° के हिसाब से धीमा है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी जरूरी है। साथ ही पैरेंटà¥à¤¸ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤·à¤¾ कौशल को बढ़ाने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं। इन सबके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानने के लिठपढ़ें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
शिशà¥à¤“ं में à¤à¤¾à¤·à¤¾ का विकास (language development in infants)
शिशà¥à¤“ं में à¤à¤¾à¤·à¤¾ का विकास धीरे-धीरे और अलग-अलग सà¥à¤¤à¤° पर होता है, जिसमें सिरà¥à¤« आवाज निकालना और बोलना ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नहीं है, बलà¥à¤•ि सामने वाले की बातों को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ और समà¤à¤¨à¤¾ à¤à¥€ जरूरी है। आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‡ 10 से 14 महीने की उमà¥à¤° में अपना पहला शबà¥à¤¦ बोलना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, लेकिन कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ थोड़ी देर से à¤à¥€ बोल सकते हैं। à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास हर बचà¥à¤šà¥‡ में अलग-अलग होता है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ à¤à¤• साल का होते-होते बचà¥à¤šà¤¾ 2 या 3 शबà¥à¤¦ बोलने लगता है जो बिलà¥à¤•à¥à¤² सिंपल होते हैं जैसे ‘मा-मा’, ‘दा दा’ या वह अपने à¤à¤¾à¤ˆ-बहनों या पेट का नाम लेने की कोशिश करते हैं, हालांकि वह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से नहीं बोल पातें। यदि बचà¥à¤šà¤¾ 12 महीने की उमà¥à¤° तक कोई शबà¥à¤¦ नहीं बोल पाता है, लेकिन तरह-तरह की आवाजे निकाल रहा है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आवाज निकालने का मतलब है कि वह बोलने की कोशिश कर रहा है और बातें समà¤à¤¤à¤¾ à¤à¥€ है। जैसा उसका नाम लेने पर वह कà¥à¤› अलग इशारे करता है, आपके ‘ना’ कहने पर बह कà¥à¤› कर रहा होता है तो रà¥à¤• जाता है, इसका मतलब है कि वह आपकी बात समठरहा है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह से पहला शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ हर पैरेंटà¥à¤¸ के लिठबहà¥à¤¤ खास होता है और उनके सीखने की यह उमà¥à¤° मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठबहà¥à¤¤ मजेदार à¤à¥€ होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान मां अपने बचà¥à¤šà¥‡ के साथ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ अलग-अलग गेम खेल सकती है जिससे बचà¥à¤šà¥‡ की समà¤à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ती है। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ के साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बातें करके और उनके सामने कà¥à¤› पढ़कर उनके à¤à¤¾à¤·à¤¾ कौशल को बेहतर किया जा सकता है और 6 माह की उमà¥à¤° से ही à¤à¤¸à¤¾ करने पर आगे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ सीखने में मदद मिलती है। à¤à¤¾à¤·à¤¾ सीखने के कà¥à¤°à¤® में कà¥à¤› अहम पड़ाव यानी लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ (language milestone) होते हैं।
महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ (Important language milestone)
कà¥à¤› चीजें à¤à¤¸à¥€ हैं जो à¤à¤¾à¤·à¤¾ के विकास में माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ साबित होती है यानी वह बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ अहम है। आइà¤, जानते हैं à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में।
पहला शबà¥à¤¦- कà¥à¤¯à¤¾ आपके बचà¥à¤šà¥‡ ने अà¤à¥€ तक पहला शबà¥à¤¦ नहीं बोला है, तो चिंता मत करिठजलà¥à¤¦ ही वह अपना पहला शबà¥à¤¦ बोलेगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ 10-14 महीने की उमà¥à¤° में पहला शबà¥à¤¦ बोलते हैं और फिर इसी का अनà¥à¤•रण करते हà¥à¤ आगे के शबà¥à¤¦ बनाते हैं।
इशारे– आपका बचà¥à¤šà¤¾ आपको समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठढेर सारे इशारों के साथ ही कà¥à¤› शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करता है। जैसे-जैसे समय बीतता है वह इशारों की बजाय शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं।
शरीर के अंग- 15 महीने की उमà¥à¤° में आपका बचà¥à¤šà¤¾ शरीर के कà¥à¤› अंगों को पहचानने लगता है जैसे नाक या कान बोलने पर वह अपने नाक/कान पकड़ता है।
जान पहचान वाली चीजों के नाम बताना- 12 से 18 महीने की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› पहचान वाली चीजों के नाम बताने लगता है।
सà¥à¤¨à¤¨à¤¾- इस दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाने या कविता सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में बहà¥à¤¤ मजा आता है। आप जब उनके सामने कà¥à¤› पढ़ती तो वह à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। इस समय तक बचà¥à¤šà¥‡ पहचान वाली चीजों को उंगली के इशारे से बताने लग जाते हैं। जैसे जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई कविता या कहानी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का मन होगा तो वह किताब की तरह इशारा करते हैं।
शबà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤²à¥€ (वोकैबà¥à¤²à¤°à¥€) – 18 महीने की उमà¥à¤° तक हर बचà¥à¤šà¤¾ करीब 10 शबà¥à¤¦ बोलने लगता है और वह तेजी से नठशबà¥à¤¦ सीखता है। 24 महीने यानी 2 साल का होते-होते आपका बचà¥à¤šà¤¾ ढेर सारे नठशबà¥à¤¦ सीखता है, उनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करता है और समà¤à¤¨à¥‡ लगता है।
नाम से बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ – 2 साल का होने पर आपका बचà¥à¤šà¥‡ खà¥à¤¦ को नाम से पà¥à¤•ारा जाना पसंद करता है।
दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन – 12 से 15 महीने के बीच बचà¥à¤šà¤¾ आपके बताठइंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤¶à¤¨ को फॉलो करता है। 2 साल की उमà¥à¤° तक वह थोड़े मà¥à¤¶à¥à¤•िल वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं।
दो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ वाले वाकà¥à¤¯- 2 साल की उमà¥à¤° तक वहो दो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ वाले वाकà¥à¤¯ बनाने लगता है, अपना नाम और किसी चीज की मांग करना, जैसे राज चॉकलेट, मा-मा कार। यानी राज को चॉकलेट चाहिठऔर ममà¥à¤®à¥€ की कार कहां है आदि।
वह बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ वाकà¥à¤¯ नहीं बोल पाता है, मगर पैरेंटà¥à¤¸ समठजाते हैं कि बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ कहना चाह रहा है। ऊपर बताई कई चीजें लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का अहम हिसà¥à¤¸à¤¾ है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास में बहà¥à¤¤ अहà¥à¤® होता है। हालांकि हर बचà¥à¤šà¥‡ की सीखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अलग होती है। इसलिठआपके बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° का कोई दूसरा बचà¥à¤šà¤¾ यदि 10 शबà¥à¤¦ बोल रहा है और आपका बचà¥à¤šà¤¾ सिरà¥à¤« 2 ही शबà¥à¤¦ बोल पाता है तो घबराठनहीं, धीरे-धीरे वह à¤à¥€ सीख जाà¤à¤—ा।
1 से 2 साल के बचà¥à¤šà¥‡ कैसे संवाद करते हैं? (How infants communicate)
12 महीने की उमà¥à¤° तक अमूमन बचà¥à¤šà¥‡ अपना पहला शबà¥à¤¦ और कई बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शबà¥à¤¦ बोलने लगते हैं और धीरे-धीरे उनके शबà¥à¤¦à¤•ोश में इजाफा होने लगता है। वह à¤à¤¸à¥‡ ही छोटे-छोटे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ और इशारों के जरिठअपनी बात कहने की कोशिश करता है। कई बार वह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से कोई शबà¥à¤¦ नहीं बोल पाते, लेकिन अपनी अजीब आवाज के जरिठही संवाद करने की कोशिश करते हैं। वह इशारों और पहचान वाली चीजों को इंगित करते बताने लगते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ चाहिठया कà¥à¤¯à¤¾ पसंद है। à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤²à¥‡ ही बचà¥à¤šà¤¾ इस उमà¥à¤° में कम शबà¥à¤¦ बोलता हो, लेकिन वह आपकी सारी बातें समà¤à¤¤à¤¾ है और आपके कà¥à¤› निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ देने पर उसका पालन à¤à¥€ करता है जैसे बॉल फेकों, बॉल उठाओ, बैट लेकर आओ आदि।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास में कैसे करें मदद? (Parents role in infant’s language development)
लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ तो बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ ही है, साथ ही पैरेंटà¥à¤¸ à¤à¥€ थोड़ी कोशिश करके इसमें बचà¥à¤šà¥‡ की मदद कर सकते हैं।
2 साल का बचà¥à¤šà¤¾ जब कà¥à¤› गलत बोलता है तो पॉजिटिव तरीके से उसे सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ की कही बात को फिर से आप सही तरीके से बोलें और उसे अपने साथ ही सही तरीके से बोलने को कहें।
बचà¥à¤šà¥‡ से बात करें और उनसे पूछे की वह कà¥à¤¯à¤¾ कर रहे हैं या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ दिखाई दे रहा है, जैसे बाहर घूमने जाने पर उनसे पूछे कि वह कà¥à¤¯à¤¾ है? (कार, कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾, बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग आदि) बचà¥à¤šà¥‡ को छोटे वाकà¥à¤¯ लेकिन वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण का सही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना सिखाà¤à¤‚ जैसे मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ दिख रहा है, कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ à¤à¥Œà¤• रहा है।
बचà¥à¤šà¥‡ को कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। इससे वह रोज नà¤-नठशबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से वाकिफ होते है और उसकी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ व समà¤à¤¨à¥‡ की शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ती है।
घर में बाहर जाने पर कोई सामान दिखाकर बचà¥à¤šà¥‡ को उसका नाम बताà¤à¤‚ और वह कà¥à¤¯à¤¾ काम करती है जैसे घड़ी टाइम बताती है, कार से बाहर घूमने जाते हैं, कà¥à¤•र में खाना बनता है, सà¥à¤•ूल में बचà¥à¤šà¥‡ पढ़ते हैं आदि।
बचà¥à¤šà¥‡ के कहे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° दें जैसे वह कहता है ‘कार’ तो आप कहें ‘ हां, तà¥à¤® सही कह रहे हो वह बड़ी लाल कार है।’
रंग-बिरंगे चितà¥à¤° और आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ वाली किताब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सामने और उसे दिखाकर पढ़ें। चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बारे में बचà¥à¤šà¥‡ को बताà¤à¤‚ कि वह किस चीज का है फिर किसी चितà¥à¤° का नाम लेकर उससे उसे पहचानने के लिठकहें।
बचà¥à¤šà¥‡ से रोजाना बात करें à¤à¤²à¥‡ ही वह टà¥à¤•ड़ों में शबà¥à¤¦ बोलता हो जैसे पेन दिखाकर बोले पापा तो आप कहें कि हां यह पापा की पेन है। इसी तरह जब वह कोई चीज दिखाकर किसी का नाम ले तो उससे जोड़कर आप वाकà¥à¤¯ बनाकर उसके सामने कहें। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शबà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤²à¥€ का विकास होता है।
शेप, पैटरà¥à¤¨à¤¸ और आसान पजà¥à¤œà¤² वाले खेल बचà¥à¤šà¥‡ के साथ खेलें इससे उनका दिमाग तेज होता है।
बचà¥à¤šà¥‡ से बात करते समय हमेशा इस बात पर गौर करें कि बचà¥à¤šà¤¾ आपकी बात ठीक से सà¥à¤¨ और समठरहा है या नहीं। यदि आपको कोई परेशानी या समसà¥à¤¯à¤¾ दिखती है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कब जाà¤à¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास?
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ दो साल की उमà¥à¤° तक à¤à¥€ नहीं बोलता है या लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के अहम पड़ावों तक नहीं पहà¥à¤‚चता है तो आपको बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास (language development) के संबंध में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करने की जरूरत है। कई बार डेवलपमेंट डिसऑरà¥à¤¡à¤° के कारण बचà¥à¤šà¥‡ देरी से बोलते हैं या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में परेशानी होती है। बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको हियरिंग सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ (ऑडियोलॉजिसà¥à¤Ÿ) या सà¥à¤ªà¥€à¤š लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ पैथोलॉजिसà¥à¤Ÿ के पास जाने की सलाह दे सकता है। इस बीच बचà¥à¤šà¥‡ से बात करते रहें जैसे वह कहां जा रहा है, कà¥à¤¯à¤¾ कर रहा है। उसके साथ गाना गाठऔर बà¥à¤• पढ़ें। बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ जैसे ताली बजाना, जानवरों की आवाज निकालना और गिनती की पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ करवाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को दिखाà¤à¤‚ कि उनके कà¥à¤› कहने पर आप कितनी खà¥à¤¶ हो जाती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° अपनी मां या गारà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¨ को देखकर ही बोलना सीखते हैं, इसलिठपैरेंटà¥à¤¸ का उनके साथ संवाद करना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
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